मंगलवार, 18 नवंबर 2008

हाथ कंगन को आरसी क्‍या

हिंदी भाषा में एक भरा पूरा ब्‍लॉग जगत है. हर दिन धडाधड नए ब्‍लॉब बन भी रहे हैं. किसी भी भाषा के विकास के लिए इस तरह के काम बेहद ज़रूरी होते हैं. लेकिन क्षेत्रीय भाषाओं में अभी इस तरह का रुझान पैदा नहीं हुआ. हालांकि नैट पर इन भाषाओं में ब्‍लॉग बनाने की सुविधा है. पंजाबी के बारे में भी ऐसा ही कहा जा सकता है. भले ही पंजाबी लोग पूरे विश्‍व में फैले हुए हैं, लेकिन पढ़ने लिखने की बात आए, तो़़़़खैर, पिछले दिनों कनाडा से मित्र तनदीप तमन्‍ना ने पंजाबी भाषा में 'आरसी' नाम से ब्‍लॉग शुरू किया है. खुशी हुई कि पंजाबी में इस तरह के रुझान की शुरुआत हुई है. तनदीप स्‍वयं पंजाबी की एक अच्‍छी कवियित्री हैं. जिन लोगों को गुरमुखी स्क्रिप्‍ट पढ़नी आती हो, वह एक बार ज़रूर इस पर विजिट करें.

7 टिप्‍पणियां:

dr. ashok priyaranjan ने कहा…

welcome

ਤਨਦੀਪ 'ਤਮੰਨਾ' ने कहा…

Thanks a million Navrahi ji. I really appreciate your posting this special note regarding 'Aarsi'.

Best Regards
Tandeep 'Tamanna'
Vancouver, Canada.

सतीश पंचम ने कहा…

अक्सर K.S. Wirk की गुरमुखी में लिखी कहाँनियां Online पढता हूँ...गुरमुखी में किसी का ब्लॉग पढने का यह मेरा पहला अनुभव होगा। जानकारी के लिये शुक्रिया।

मोहन वशिष्‍ठ ने कहा…

ਤੁਹਾਨੂੰ ਹਿੰਦੀ ਭਾਸਾ ਦਾ ਅਛਾ ਖਾਸਾ ਗਿਆਨ ਹੈ॥
ਚੰਗੀ ਜਾਣਕਾਹੀ ਦੇਣ ਲਈ ਤੁਹਾਡਾ ਧੰਨਵਾਦ

goyalbb ने कहा…

hi. great. kudos. Travel site listing hotels in india and Largest database of colleges in Punjab

SOUL behind SCENE :- ने कहा…

Asal vich main aje blogo-blogi hona sikh riha haan, jis kar ke PUNJABI vich likhan di tammana haal di gharhi dam torh rahi hai, par Navrahi te Tammana ne taan ik vakhra hi sansaar sirjia hoya hai.
Balle-Balle, Shaava-Shaava.

daas,
Bakhshinder.

ਕੌਣ ਆ ਬਈ ! ने कहा…

ਹੁਣ ਤਕ ਤਾਂ ਸਾਇਦ ਤੁਸੀਂ ਦੋਵੇਂ ਜਾਣ ਗਏ ਹੋਵੋਗੇ ਕਿ ਆਪਾਂ ਵੀ ਆ ਗਏ ਹਾਂ ਤੁਹਾਡੇ ਪਿੱਛੇ-ਪਿੱਛੇ। ਹਾਂ, ਥੋੜ੍ਹਾ ਜਿਹਾ ਪਿੱਛੇ ਜ਼ਰੂਰ ਹਾਂ, ਪਰ ਪਿੱਛੇ ਰਹਿਣ ਦੇ ਵੀ ਕੁੱਝ ਫਾਇਦੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ.......
-----ਬਖ਼ਸ਼ਿੰਦਰ